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"कविता कोश के दो वर्ष" के अवतरणों में अंतर

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कविता कोश अब अपने बालपन को पीछे छोड़ने लगा है। देखते ही देखते आज इसने दो वर्ष की आयु प्राप्त कर ली। पहले एक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी कोश के विकास की गति लगातार बढ़ती ही रही है - यह सभी हिन्दी काव्य प्रेमियों के लिये सुखद विषय है। कविता कोश और इसके पीछे की भावना को रचनाकारों और पाठकों का आरम्भ से ही समर्थन और स्नेह मिलता रहा है। विश्व के हर कोने से लोग इसके विकास में निस्वार्थ भाव से भाग लेते हैं और यही कोश की प्रगति और लोकप्रियता का प्रमुख कारण है। आइए, कोश के दूसरे वर्ष में हुए विकास की कुछ झलकियाँ देखें:
 
कविता कोश अब अपने बालपन को पीछे छोड़ने लगा है। देखते ही देखते आज इसने दो वर्ष की आयु प्राप्त कर ली। पहले एक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी कोश के विकास की गति लगातार बढ़ती ही रही है - यह सभी हिन्दी काव्य प्रेमियों के लिये सुखद विषय है। कविता कोश और इसके पीछे की भावना को रचनाकारों और पाठकों का आरम्भ से ही समर्थन और स्नेह मिलता रहा है। विश्व के हर कोने से लोग इसके विकास में निस्वार्थ भाव से भाग लेते हैं और यही कोश की प्रगति और लोकप्रियता का प्रमुख कारण है। आइए, कोश के दूसरे वर्ष में हुए विकास की कुछ झलकियाँ देखें:
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17:15, 13 जुलाई 2008 का अवतरण

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कविता कोश के बारे में
पाठकों और रचनाकारों
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कविता कोश की द्वितीय वर्षगांठ
जुलाई 05, 2008

कविता कोश अब अपने बालपन को पीछे छोड़ने लगा है। देखते ही देखते आज इसने दो वर्ष की आयु प्राप्त कर ली। पहले एक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी कोश के विकास की गति लगातार बढ़ती ही रही है - यह सभी हिन्दी काव्य प्रेमियों के लिये सुखद विषय है। कविता कोश और इसके पीछे की भावना को रचनाकारों और पाठकों का आरम्भ से ही समर्थन और स्नेह मिलता रहा है। विश्व के हर कोने से लोग इसके विकास में निस्वार्थ भाव से भाग लेते हैं और यही कोश की प्रगति और लोकप्रियता का प्रमुख कारण है। आइए, कोश के दूसरे वर्ष में हुए विकास की कुछ झलकियाँ देखें:


कोश प्रगति अंक में

पहले वर्ष मेंदूसरे वर्ष के अंत तक
संकलित रचनाकारों की संख्या 200 ~390
कोश में उपलब्ध कुल पन्ने 3,000 >10,000
कोश के जालस्थल पर हर महीने आने वाले आगंतुकों की संख्या 5,000 16,982 (जून 2008)
हर महीने देखे जाने वाले पन्नो की संख्या 70,000 203,931 (जून 2008)


जिनके बिना ये संभव न था

कविता कोश एक खुली परियोजना है और इसके विकास में कोई भी भाग सकता है। पहले वर्ष की तुलना में गत वर्ष काफ़ी अधिक व्यक्तियों ने इस महायज्ञ में हिस्सा लिया। नित नये लोग इस परियोजना से जुड़ रहे हैं और इसी कारण इसका विकास इतनी अच्छी तरह से हो पा रहा है। कविता कोश इन सभी योगदानकर्ताओं का आभारी रहेगा। सभी योगदानकर्ताओं के नाम या कार्य बताना तो बहुत कठिन है लेकिन पिछले वर्ष में जिन योगदानकर्ताओं ने प्रमुखता से योगदान किया उनके द्वारा किये गये कार्य का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:

प्रतिष्ठा शर्मा योगदानकर्ताओं की इस सूची में सबसे ऊपर हैं। प्रतिष्ठा जी ने अविश्वनीय गति और लगन से कार्य किया है। कोश के विकास के प्रति प्रतिष्ठा जी की निष्ठा को देखते हुए इन्हें कविता कोश टीम में सिसओप के रूप में शामिल किया गया और हाल में इन्हें कविता कोश का प्रशासक बनाया गया है। अनूप भार्गव जी ने कविता कोश के याहू समूह के आरम्भ से ही इसका प्रबंधन बहुत नियमित रूप से किया है। वे इस समूह के मॉडरेटर हैं। द्विजेन्द्र 'द्विज' जी ने कई रचनाकारों की रचनाओं का योगदान कोश में दिया है -इसके अलावा वे कविता कोश ब्लॉग के लिये लेखन भी करते हैं। द्विज जी को कविता कोश टीम में सहयोगी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। शिशिर मित्तल जी ने अपने पास उपलब्ध साधनों का प्रयोग करते हुए महादेवी वर्मा के कई कविता संग्रह कोश के लिये टाइप करके भेजे। Adiya जी ने बहुत से लोकगीतों को कोश में संकलित किया है। सुमितकुमार कटारिया जी ने नयी रचनाओ के योगदान के साथ-साथ वर्तनी-सुधार के महत्वपूर्ण कार्य में भी योगदान किया है। सुमित जी की कोश के सर्वांगीण विकास के प्रति निष्ठा सराहनीय है। इनके अलावा और भी बहुत से व्यक्तियों ने कविता कोश में निस्वार्थ रूप से योगदान दिया है। कविता कोश इन सभी योगदानकर्ताओं के प्रति आभार प्रकट करता है। योगदानकर्ताओं की सूची के आखिर में, हमेशा की तरह, कविता कोश टीम के सदस्यों का ज़िक्र भी आवश्यक है। यह टीम कोश के विकास और इसकी दिशा को नियंत्रित करती है।


नये प्रयास

कविता कोश में हिन्दी काव्य के हर पहलू को समेटने का प्रयत्न किया जाता है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए गत वर्ष कई नये विभाग कोश में जोड़े गए।

  • लोक गीत: हमारे लोक गीत धीरे-धीरे लुप्त हो रहे हैं और यह संभव है कि आने वाले समय में ये बिल्कुल ही भुला दिये जाएँ। इसी चिंता और चिंतन के चलते कविता कोश में जितने हो सके उतने लोकगीतो को संकलित करने का कार्य आरम्भ किया गया। इस विभाग में अनेकों भारतीय भाषाओं और बोलियों में प्रचलित लोक गीतों का संग्रह है और अब तक 50 से अधिक गीत संकलित हो चुके हैं।
  • अनूदित रचनाएँ: इस विभाग में भारतीय और विदेशी भाषाओं से हिन्दी में अनूदित रचनाओं का संकलन किया जाता है। अभी तक 50 से अधिक रचनाकारों की हिन्दी में अनूदित सैकड़ों रचनाएँ कोश में संग्रहित की जा चुकी हैं।
  • धार्मिक लोक रचनाएँ: बहुत सी ऐसी काव्य रचनाएँ हैं जो लोक में बहुप्रिय हैं और अक्सर गाई जाती हैं -लेकिन इन्हें लोकगीत नहीं कहा जा सकता। ऐसी रचनाओं में आरतियाँ और भजन इत्यादि शामिल हैं। ऐसी रचनाओं के संकलन के प्रयास में यह विभाग आरम्भ किया गया है।
  • शाश्वत काव्य: यह प्राचीन और प्रमुख रूप से शाश्वत-काव्य का विभाग है। इसमें रामायण, उपनिषद और वेद जैसी रचनाएँ या उनके काव्यानुवाद संकलित किये जाते हैं।
  • फ़िल्मी गीत: हिन्दी फ़िल्मों में भी कई बार उत्तम कविता और गीत देखने को मिलते हैं। इस विभाग का उद्देश्य सभी हिन्दी फ़िल्मी गीतों को संकलित करना नहीं है -बल्कि चुने हुए काव्यमय गीतों का संग्रह करना है। ताकि हिन्दी काव्य प्रेमी इन गीतों के बोलों को पढ़ सकें और इनका आनंद ले सकें।
  • शिशुगीत: इस विभाग में छोटे बच्चों के लिये रची गयी काव्य रचनाएँ संकलित हैं।


नया लोगो

दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर कविता कोश का नया लोगो जारी किया जा रहा है। कोश का सबसे पहला लोगो ललित कुमार ने और फिर दूसरा लोगो पूर्णिमा वर्मन जी द्वारा बनाया गया था। कोश से जुड़े सभी लोगो नीचे दिये जा रहे हैं।

पहला लोगो
दूसरा लोगो
वर्तमान लोगो




प्रस्तुति
कविता कोश टीम