Last modified on 18 नवम्बर 2019, at 14:31

कवि / इराक्ली ककाबाद्ज़े / राजेश चन्द्र

एक अकेला सपना
मुझे नहीं लेने देता चैन,

बल्कि वह ग्रस लेता है मुझे –

सफ़ेद चोगा पहने,
खड़ा हूँ मैँ, एक कवि,

सामने, अपने देश के फांसी के तख़्ते के...

अँग्रेज़ी से अनुवाद : राजेश चन्द्र

लीजिए, अब इसी कविता का जार्जियाई भाषा से अँग्रेज़ी अनुवाद पढ़िए
              Irakli Kakabadze

A single dream
Does not give me rest, but obsesses me—
Dressed in a white kimono,
I stand, a poet,
Before my country’s gallows . . .

Translated from Georgian by Mary Childs