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कहमा बहैले कोसीमाय / अंगिका

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

कहमा बहैले कोसीमाय,
कहाँ लट हे झारले
कहमा कोसीमाय कयले सिंगार ।
कमला नहैलों तिरहुत लट झारलों
गहबर कैलों सिंगार ।
किअ देय समदव मैया कमलेसरी
किअ देय समदव कोसीमाय ।
पान देय समदव मैया कमलेसरी
पाठी देय समदव कोसीमाय ।।