भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

काम वाली बाई / भास्कर चौधुरी

Kavita Kosh से
Sharda suman (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 17:38, 27 जुलाई 2013 का अवतरण ('{{KKRachna |रचनाकार=भास्कर चौधुरी }} {{KKCatKavita}} <poem> तुम आई तो खिल ...' के साथ नया पन्ना बनाया)

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

तुम आई तो
खिल उठा माँ का चेहरा
पिता ने ली लम्बी गहरी साँस
तुम जैसी-
माँ की सगी
और मैं मेहमान दिन भर का...