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"किसी के दर्द का एहसास लोगों / राज़िक़ अंसारी" के अवतरणों में अंतर

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07:08, 14 जून 2019 के समय का अवतरण

किसी के दर्द का एहसास लोगो
नहीं क्या अब तुम्हारे पास लोगो

बुराई की हिमायत में खड़े हो
बुराई आ गयी क्या रास लोगो

बताना, लोग हैं नाराज़ तुम से
अगर साहब के हो तुम ख़ास, लोगो

तुम्हारे कान थकते ही नहीं हैं
सुनोगे कब तलक बकवास लोगो

जिसे चाहे बना देते हैं राजा
बहुत ताक़त है अपने पास लोगो

समंदर ख़ुदनुमाई कर रहा है
दिखाते क्यों नहीं तुम प्यास लोगों