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कुट्टी / रमेश तैलंग
Kavita Kosh से
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मम्मी की पापा से
जब कुट्टी हो गई
खाने-पीने की
घर में छुट्टी हो गई ।
पहले पापा का
’टेम्प्रेचर’ ऊपर चढ़ा
फिर मम्मी का भी
थोड़ा आगे बढ़ा
झूठ-मूठ करते
सच्ची-मुच्ची हो गई ।
गुस्से में दोनों ने
जाने क्या-क्या कहा
फिर जब कहने को
कुछ भी बाक़ी न रहा
कमरे में जा मम्मी
मुँह ढक के सो गई ।