भारतीय साहित्य के विशालतम ऑनलाइन संग्रहालय से कुछ आंकड़े (...और गिनती जारी है!)
कविता कोश: 57000+ कुल पन्नें; 2,000+ रचनाकार; 25,000+ कविताएँ; 10,000+ ग़ज़लें; 3,000+ गीत/नवगीत; 1,500+ नज़्में | 125,000+ आगंतुक/माह; 20,000,00+ रचना-पठन/माह
गद्य कोश: 7,000+ कुल पन्नें; 500+ रचनाकार; 1,500+ कहानियाँ; 600+ लघुकथाएँ; 100+ उपन्यास; 600+ आलेख; 300+ निबंध; | 20,000+ आगंतुक/माह; 1,000,00+ रचना-पठन/माह
कुमार विनोद
Kavita Kosh से
|
कुमार विनोद | |
|
जन्म: 04 जून 1966
| |
| जन्म स्थान | कुरुक्षेत्र, हरियाणा |
| कुछ प्रमुख कृतियाँ | बेरंग हैं सब तितलियाँ |
| विविध | |
| जीवनी | कुमार विनोद / परिचय |
| अभी इस पन्ने के लिये छोटा पता नहीं बना है। यदि आप इस पन्ने के लिये ऐसा पता चाहते हैं तो kavitakosh AT gmail DOT com पर सम्पर्क करें। | |
<sort order="asc" class="ul">
- कभी लिखता नहीं दरिया, फ़क़त कहता ज़बानी है / कुमार विनोद
- लाख चलिये सर बचाकर, फायदा कुछ भी नहीं/ कुमार विनोद
- सब कुछ होते हुए भी थोडी बेचैनी है / कुमार विनोद
- धुंध में लिपटा हुआ साया कोई / कुमार विनोद
- जीवन है इक दौड़ सभी हम भाग रहे हैं / कुमार विनोद
- हर तरफ है भीड़ फिर भी आदमी तनहा हुआ / कुमार विनोद
- सब सिंहासन डोलेंगे / कुमार विनोद
- सब आंखों का तारा बच्चा / कुमार विनोद
- बच्चा सच्ची बात लिखेगा / कुमार विनोद
- एक सम्मोहन लिए हर बात में / कुमार विनोद
- राग मज़हब का सुनाना आ गया / कुमार विनोद
- तल्ख़ियाँ सारी फ़ज़ा में घोलकर / कुमार विनोद
- एक सम्मोहन लिए हर बात में / कुमार विनोद
- बर्फ़ हो जाना किसी तपते हुए अहसास का / कुमार विनोद
- मौज दरिया की मेरे हक़ में नहीं तो क्या हुआ / कुमार विनोद
</sort>