भारतीय साहित्य के विशालतम ऑनलाइन संग्रहालय से कुछ आंकड़े (...और गिनती जारी है!)
कविता कोश: 57000+ कुल पन्नें; 2,000+ रचनाकार; 25,000+ कविताएँ; 10,000+ ग़ज़लें; 3,000+ गीत/नवगीत; 1,500+ नज़्में | 125,000+ आगंतुक/माह; 20,000,00+ रचना-पठन/माह
गद्य कोश: 7,000+ कुल पन्नें; 500+ रचनाकार; 1,500+ कहानियाँ; 600+ लघुकथाएँ; 100+ उपन्यास; 600+ आलेख; 300+ निबंध; | 20,000+ आगंतुक/माह; 1,000,00+ रचना-पठन/माह
|
|
|
कृष्णदास
Kavita Kosh से
|
कृष्णदास | |
|
आपके पास चित्र उपलब्ध है? कृपया kavitakosh AT gmail DOT com पर भेजें जन्म: 1495 अनुमानित
निधन: 1581 अनुमानित
| |
| जन्म स्थान | तिलोतरा, राजनगर, गुजरात |
| कुछ प्रमुख कृतियाँ | इनके लगभग 250 पद प्राप्त हैं। |
| विविध | रीतिकाल के कवि |
| जीवनी | कृष्ण / परिचय |
| अभी इस पन्ने के लिये छोटा पता नहीं बना है। यदि आप इस पन्ने के लिये ऐसा पता चाहते हैं तो kavitakosh AT gmail DOT com पर सम्पर्क करें। | |
- बैद को बैद गुनी को गुनी / कृष्णदास
- मो मन गिरिधर छबि पै अटक्यो / कृष्णदास
- देख जिऊँ माई नयन रँगीलो / कृष्णदास
- तरनि तनया तट आवत है / कृष्णदास
- कंचन मनि मरकत रस ओपी / कृष्णदास
</sort>
| भक्तिकालीन रचनाकार | भक्तिकाल क्या है | ||
| ज्ञानाश्रयी शाखा | कबीर । रैदास । मलूकदास | ![]() |
| प्रेमाश्रयी शाखा | मलिक मोहम्मद जायसी | |
| कृष्णाश्रयी शाखा | सूरदास । नंददास । कृष्णदास । परमानंददास । कुम्भनदास । चतुर्भुजदास । छीतस्वामी । गोविन्दस्वामी । मीराबाई । नरोत्तमदास । रहीम । रसखान । विद्यापति | |
| रामाश्रयी शाखा | तुलसीदास | |
|
|
||
| अष्टछाप | ||
| महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य जी एवं उनके पुत्र श्री विट्ठलनाथ जी द्वारा संस्थापित 8 भक्तिकालीन कवि, जिन्होंने अपने विभिन्न पदों एवं कीर्तनों के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का गुणगान किया। और अधिक जानें... | ||
| अष्टछाप के कवि: सूरदास । नंददास । परमानंददास । कुम्भनदास । चतुर्भुजदास । छीतस्वामी । गोविन्दस्वामी | ||
