Last modified on 17 जनवरी 2011, at 14:08

कोयल / रतन सिंह ढिल्लों

कोयल गा रही थी

तूफ़ान आया
आम झड़ गए

कोयल
फिर भी गा रही थी ।
 
मूल पंजाबी से अनुवाद : अर्जुन निराला