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ख़ुमार बाराबंकवी
Kavita Kosh से
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ख़ुमार बाराबंकवी | |
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जन्म: 15 सितंबर 1919
निधन: 19 फ़रवरी 1999
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| उपनाम | ख़ुमार |
| जन्म स्थान | पीरबटावन मोहल्ला, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश, भारत |
| कुछ प्रमुख कृतियाँ | शब-ए-ताब, हदीस-ए-दीगर, आतिश-ए-तर, रख्स-ए-मचा |
| विविध | इनका असली नाम मोहम्मद हैदर खान है |
| जीवनी | ख़ुमार बाराबंकवी / परिचय |
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Khumar baranbakvi, khoomaar baranbakvi, | |
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- दुनिया के ज़ोर प्यार के दिन / ख़ुमार बाराबंकवी
- ये मिसरा नहीं है / ख़ुमार बाराबंकवी
- कभी शेर-ओ-नगमा बनके / ख़ुमार बाराबंकवी
- वो हमें जिस कदर आज़मा रहे है / ख़ुमार बाराबंकवी
- वो जो आए हयात याद आई / ख़ुमार बाराबंकवी
- तेरे दर से उठकर / ख़ुमार बाराबंकवी
- न हारा है इश्क और न दुनिया थकी है / ख़ुमार बाराबंकवी
- सुना है वो हमें भुलाने लगे है / ख़ुमार बाराबंकवी
- झुंझलाए है लजाए है / ख़ुमार बाराबंकवी
- एक पल में एक सदी का मज़ा / ख़ुमार बाराबंकवी
- रुख़्सत-ए-शबाब / ख़ुमार बाराबंकवी
- वो खफा है तो कोई बात नहीं / ख़ुमार बाराबंकवी
- दिल को तस्कीन-ए-यार ले डूबी / ख़ुमार बाराबंकवी
- आँसूगदी से इश्क-ए-जवाँ को बचाइए / ख़ुमार बाराबंकवी
- ऐ मौत उन्हें भुलाए ज़माने गुज़र गये / ख़ुमार बाराबंकवी
- तस्वीर बनाता हूँ तस्वीर नहीं बनती / ख़ुमार बाराबंकवी
- एक पल में एक सदी का मज़ा हमसे पूछिए / ख़ुमार बाराबंकवी
- हाल-ए-गम उन को सुनाते जाइए / ख़ुमार बाराबंकवी
- हुस्न जब मेहरबान हो तो क्या कीजिए / ख़ुमार बाराबंकवी
- हिज्र की शब है और उजाला है / ख़ुमार बाराबंकवी
- ऐसा नहीं कि उन से मोहब्बत नहीं रही / ख़ुमार बाराबंकवी
- क्या हुआ हुस्न हमसफ़र है या नहीं / ख़ुमार बाराबंकवी
- मुझ को शिकस्ते दिल का मज़ा याद आ गया / ख़ुमार बाराबंकवी
- गमे-दुनिया बहुत इज़ारशाँ है / ख़ुमार बाराबंकवी
- अकेले हैं वो और झुंझला रहे हैं / ख़ुमार बाराबंकवी
- बुझ गया दिल हयात बाकी है / ख़ुमार बाराबंकवी
- वो सवा याद आये भुलाने के बाद / ख़ुमार बाराबंकवी
- हम उन्हें वो हमें भुला बैठे / ख़ुमार बाराबंकवी
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