भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए

चौतुक्का-2 / राजा शिवप्रसाद सितारे-हिन्द

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

पौदों ने रंगा के सूहे जोड़े पहने।
सब पाँव में डालियों ने तोड़े पहने।
बूटे-बूटे ने फूल-फल के गहने,
जो बहुत न थे तो थोड़े-थोड़े पहने।