Last modified on 28 जुलाई 2015, at 18:55

छोटा टोना बड़ा लोना गे माई / मगही

मगही लोकगीत   ♦   रचनाकार: अज्ञात

छोटा टोना बड़ा लोना[1] गे माई, मैं नहीं जानूँ टोना।
टोनवा बाबुल[2] जी के देस गे माई, मैं नहीं जानूँ टोना॥1॥
अपने बने से मैं पनियाँ भरइहों[3] रे।
बिन ऊभन[4] बिन डोल गे माई, मैं नहीं जानूँ टोना।
टोनवा बाबुल जी के देसे गे माई, मैं नहीं जानूँ टोना॥2॥
अपने बने से मैं भात पकइहों[5] रे।
बिन हाँड़ी बिन डोइ[6] गे माई, मैं नहीं जानूँ टोना।
सासु को काहे का मलोल[7] गे माई, मैं नहीं जानूँ टोना॥3॥
अपने बने से मैं धान कुटइहों[8] रे।
बिन उखली[9] बिन मूसल गे माई, मैं नहीं जानूँ टोना॥4॥

शब्दार्थ
  1. सुन्दर
  2. बाबूजी, पिता
  3. भरवाऊँगी
  4. कुएँ से पानी निकालने के लिए डोल में बाँधी जाने वाली रस्सी
  5. पकवाऊँगी
  6. काठ की कलछी
  7. मलाल
  8. कुटवाऊँगी
  9. ओखल