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जाए नाहीं देबि हम बहरवा ए रामा / रामरक्षा मिश्र विमल

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जाए नाहीं देबि हम बहरवा ए रामा, एह पारी तोहके।
भले तनी कम मिली ओतने में रहबो
गाँवही में करबो गुजरवा ए रामा, एह पारी तोहके।
तहरे करेजवा से सटिके जुडइबो
नाहीं चाहीं घूमे के शहरवा ए रामा, एह पारी तोहके।
पइसा के भूखे काहें देंहिया सुखइब
हम पिअबि बिरह जहरवा ए रामा, एह पारी तोहके।