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डुबेर यो संसार तलाउमा / सुमन पोखरेल

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डुबेर यो संसार तलाउमा
पुरिएको छु स्वमोहको लेउमा
कसरी भनूँ म भक्त हुँ तेरो
मेरो भगवान, मेरो ईश्वर !

न छ पौरख केही मेरो वाहुको
न अर्थ कुनै मेरो हाउभाउको
त्यसैत्यसै दिन बित्या छ
कसरी आऊँ म तेरो छेउमा
मेरो भगवान, मेरो ईश्वर !

न लिन सकेँ दु:ख दीनहरूको
न सुम्सुम्याएँ घाउ आर्तहरूको
आडम्बरको स्वार्थ भक्तिले
कसरी राखूँ शिर तेरो पाउमा
मेरो भगवान, मेरो ईश्वर !