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ढिकी याद आयो, जाँतो याद आयो / सुरेन्द्र राना

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ढिकी याद आयो, जाँतो याद आयो
सँगै सँगै हिडेको, बाटो याद आयो
परदेशमा आज किन हो मलाई
आफ्नै देशको माटो याद आयो

मान्छेहरु छन्, मुटु छैन याहाँ
न्यानो न्यानो चोखो मन छैन याहाँ
अँगालो र म्वाँइले छोएन मलाई
उही साथीभाइको जुठो याद आयो

सुखसयल छ, मिठो नीद छैन
सारङ्गी र मादलको झ्याउरे गीत छैन
विदेशी परिकार रुचेन मलाई
हरियो खुर्सानी ढिँडो याद आयो ।