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तिमीलाई भुल्दा / कञ्चन पुडासैनी

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तिमीलाई भुल्दा म एक्लो परेछु
तिमीलाई सम्झे तिमी साथ आयौ
कुनै चिज मीठो म खोजिरहेथे
म सोंचिरहेथे तिमी याद आयौ

उज्यालो बढे झैं भयो आज झन् झन्
उज्यालो त मुस्कानले बढ्छ भन्छन्
कि मैलाई सम्झी तिमी मुस्कुरायौ
कि आयौ तिमी चाँदनी रात आयो
कुनै चिज मीठो म खोजिरहेथे
म सोंचिरहेथे तिमी याद आयौ

तिमीले पनि सम्झिएकी भए लौ
चुम्यौ चाहनाले अझै मन् परायौ
मलाई भुलेकी भए के भनू ख्वै
तिमी हर्षा आयौ के बिस्मात आयो
कुनै चिज मीठो म खोजिरहेथे
म सोंचिरहेथे तिमी याद आयौ

शब्द : कन्चन पुडासैनी
स्वर : नारायण गोपाल
संगीत : दिब्य खालिङ्