भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

तू किसी और / सैयद शहरोज़ क़मर

Kavita Kosh से
Shrddha (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 17:36, 12 अक्टूबर 2009 का अवतरण (नया पृष्ठ: {{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=सैयद शहरोज़ क़मर |संग्रह= उर्फ़ इतिहास / सैयद शह…)

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

तू किसी और के ख़्वाबों की
हसीं ताबीर सही
मेरे ख़्वाब तेरे तख़य्युल
से सजे रहते हैं