भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

दखल / रामस्वरूप किसान

Kavita Kosh से
Sharda suman (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 13:51, 17 अक्टूबर 2013 का अवतरण

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

कुत्ता भूंसै
आदमी दखल मानै
ललकारै।

आदमी भूंसै
कुत्ता कीं नीं कैवै
साम्हीं देखै।