भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

दादी का जन्म दिन / रमेश आज़ाद

Kavita Kosh से
Anupama Pathak (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 22:43, 5 अक्टूबर 2015 का अवतरण ('{{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=रमेश आज़ाद |अनुवादक= |संग्रह= }} {{KKCatBaa...' के साथ नया पृष्ठ बनाया)

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

गप्पू, अप्पू, गोलू, भोलू
जनम दिवस सबका मनता है,
पर इन बच्चों की दादी का
जनम हुआ कब, नहीं पता है!

सूखा, बाढ़, दहार, जलजला
ऐसा ही उस साल घटा था,
या अंग्रेजों की आफत से
भारत में भूचाल मचा था
यही जन्म का ब्योरा भर है
सन्-संवत् का नहीं पता है!
जनम दिवस दादी का फिर भी
बच्चे आज मनाएँगे,
मोमबत्तियाँ जला-बुझाकर
उनसे केक कटाएँगे।
खुशियों से मौसम तर होगा
सही तिथि का यही पता है!
और कोई जो तोहफा देगा
उसको हम सब मिल बाँटेंगे,
बचा-बचाकर पाकेट खरचा
हुक्का नया उठा लाएँगे।
तब कितनी खुश होगी दादी
इसका भी तो किसे पता है!