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दुनियाँ लूट-खसोट के, लूटोॅ लानोॅ माल / अमरेन्द्र

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दुनियाँ लूट-खसोट के, लूटोॅ लानोॅ माल
तोरा कुच्छू कोय कहौं-काटी ला तोंय गाल।
काटी ला तोंय गाल, नचोरोॅ आँगे सौंसोॅ
कोय्यो दौ उपदेश, वही पेॅ ओकरा झोंसोॅ।
भलेॅ मरेॅ सब लोग यहाँ होय-होय केॅ रिनियाँ
चूतड़ तर तांेय दावी राखोॅ दौलत-दुनियाँ।