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नक्बेसर कागा ले भागा / भोजपुरी

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रचनाकार: अज्ञात                 

लोकगीत

भोजपुरी लोकगीत

नक्बेसर कागा ले भागा

अरे मोरा सैंयां अभागा ना जागा,


उड उड कागा मोरी बिंदिया पे बैठा...बिंदिया पे बैठा.

अरे मोरे माथे का सब रस ले भागा,नक्बेसर कागा ले भागा

अरे मोरा सैंयां अभागा ना जागा,


उड उड कागा मोरे नथुनी पे बैठा अरे नथुनी पे बैठा.

मोरे होंठ्वा का सब रस ले भागा,

नक्बेसर कागा ले भागा

अरे मोरा सैंयां अभागा ना जागा,नक्बेसर कागा ले भागा

अरे मोरा सैंयां अभागा ना जागा,


उड उड कागा मोरे चोलिया पे बैठ, अरे चोलिया पे बैठा....

अरे जुबना का सब रस ले भागा, अरे जोबना का सब रस ले भागा

नक्बेसर कागा ले भागा

अरे मोरा सैंयां अभागा ना जागा,


उड उड कागा मोरे करधन पे बैठा अरे साये पे बैठा,

अरे मेरी बुरीयो का सब रस ले भागा मोरा

अरे नक्बेसर कागा ले भागा

अरे मोरा सैंयां अभागा ना जागा,

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