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न जाने क्यों / सूर्यदेव सिबोरत

याददाश्त ने
मुझे धोखा दिया है
न जाने क्यों !

मैं
खुद को भूल गया हूं
न जाने क्यों !

अब तो
बन गया हूं मैं
अपने ही लिए
एक अजनबी
न जाने क्यों !

मौत ने भी
ठुकरा दिया है मुझे
न जाने क्यों !
तुम्हारा मुझे ठुकराना
एक बहाना था महज़
न जाने क्यों !