भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

पाँच मूर्तियाँ / हरिवंशराय बच्चन

Kavita Kosh से
Tusharmj (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 20:11, 11 दिसम्बर 2011 का अवतरण

यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


यह विखंडित मूर्ति

मथुरा की सड़क पर

मिली मुझको,

शीश-हत,

जाँघें पसारे

खुले में विपरीत-रति-रत
अरे, यह तो पंश्‍चुली है!


शेष भाग शीघ्र ही टंकित कर दिया जाएगा।