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"पुराने ठाँव से रहती है लिपटी / विजय राही" के अवतरणों में अंतर

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12:29, 25 मार्च 2020 के समय का अवतरण

पुराने ठाँव से रहती है लिपटी ।
ग़रीबी गाँव से रहती है लिपटी ।

हमारे खेत की मिट्टी है साहब !
हमेशा पाँव से रहती है लिपटी ।

इसे पानी से नफ़रत हो गई क्या?
ये मछली नाँव से रहती है लिपटी ।

वो मेरी जान है 'राही' जो मेरे,
बदन की छाँव से रहती है लिपटी ।