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पोखरी का हीत, जय जश दे / गढ़वाली

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

पोखरी का हीत[1], जय जश दे,
तेरा जाति[2] आयो जय जश दे
भेंटुली[3] क्या लायो, जय जश दे,
सोवन[4] धुपाणी[5] लायो जय जश दे
मोत्यों[6] भरी थाल लायो जय जश दे,
जाति तेरा आयो जय जश दे
पोखरी का हीत जय जश दे

शब्दार्थ
  1. हित देवता, गाँव का
  2. यात्रा
  3. भेंट
  4. सोने की
  5. धूपदानी
  6. मोतियों से