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प्रमोद रामावत ’प्रमोद’
Kavita Kosh से
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प्रमोद रामावत ’प्रमोद’ | |
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जन्म: 05 मई 1949
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| जन्म स्थान | |
| कुछ प्रमुख कृतियाँ | अब सुबह नजदीक है (ग़जल संग्रह), सधी हुई चुप्पी (काव्य-संग्रह), सोने का पिंजरा (2003) । |
| विविध | |
| जीवनी | प्रमोद रामावत ’प्रमोद’ / परिचय |
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- रहनुमा हैं इसलिए ये तो सुधरने से रहे / प्रमोद रामावत ’प्रमोद’
- सोने का पिंजरा बनवाकर, तुमने दाना डाला दोस्त / प्रमोद रामावत ’प्रमोद’
- आँख से बाहर निकल कर कोर पर ठहरा रहा / प्रमोद रामावत ’प्रमोद’
- आदमी है उठ ज़रा ईमान की बातें उठा / प्रमोद रामावत ’प्रमोद’
- आशियाँ फिर से बुनो बिजली के तेवर के लिए / प्रमोद रामावत ’प्रमोद’
- आँसू का अनुबन्ध सिरहाने रख कर सोता है / प्रमोद रामावत ’प्रमोद’
- चीख़ है मगर कहीं भी कान नहीं है / प्रमोद रामावत ’प्रमोद’
- / प्रमोद रामावत ’प्रमोद’