भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

प्रवासी / तेनजिन त्सुंदे / अशोक पांडे

Kavita Kosh से
अनिल जनविजय (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 01:33, 5 नवम्बर 2018 का अवतरण ('{{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=तेनजिन त्सुंदे |अनुवादक=अशोक पां...' के साथ नया पृष्ठ बनाया)

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

बाड़ें
अब बदल चुकी है
जंगल की

अब मै
कैसे बताऊँ
अपने बच्चों को
कि कहाँ से आए थे हम

अँग्रेज़ी से अनुवाद : अशोक पांडे