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"बन्ने के नैना जादू के बान / हिन्दी लोकगीत" के अवतरणों में अंतर

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बन्ने के नैना जादू के बान, बन्ने के नैना जादू के बान
 
बन्ने के नैना जादू के बान, बन्ने के नैना जादू के बान
मैं वारी वारी जाऊ रसिया, मैं वारी वारी जाऊ रसिया॥
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मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया, मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया ।।
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शीश रेशम की पगिया सोहे, मोरे पन्खा की है सिरमोर
 
शीश रेशम की पगिया सोहे, मोरे पन्खा की है सिरमोर
मैं वारी वारी जाऊ रसिया, मैं वारी वारी जाऊ रसिया॥
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मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया, मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया ।।
कान बन्ने के कुन्डल सोहे,मोतियन की है चमकार
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मैं वारी वारी जाऊ रसिया, मैं वारी वारी जाऊ रसिया॥
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कान बन्ने के कुन्डल सोहे, मोतियन की है चमकार
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मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया, मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया ।।
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श्याम बदन पर पियरो जामा, मुनिमन हरत लुभान
 
श्याम बदन पर पियरो जामा, मुनिमन हरत लुभान
मैं वारी वारी जाऊ रसिया, मैं वारी वारी जाऊ रसिया॥
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मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया, मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया ।।
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संग सोहे राजों की बेटी, रुक्मिनी बाम बखान
 
संग सोहे राजों की बेटी, रुक्मिनी बाम बखान
मैं वारी वारी जाऊ रसिया, मैं वारी वारी जाऊ रसिया॥
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मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया, मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया ।।
 
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13:11, 5 दिसम्बर 2010 के समय का अवतरण

   ♦   रचनाकार: अज्ञात

बन्ने के नैना जादू के बान, बन्ने के नैना जादू के बान
मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया, मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया ।।

शीश रेशम की पगिया सोहे, मोरे पन्खा की है सिरमोर
मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया, मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया ।।

कान बन्ने के कुन्डल सोहे, मोतियन की है चमकार
मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया, मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया ।।

श्याम बदन पर पियरो जामा, मुनिमन हरत लुभान
मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया, मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया ।।

संग सोहे राजों की बेटी, रुक्मिनी बाम बखान
मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया, मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया ।।