Last modified on 29 नवम्बर 2009, at 10:44

माँ(फिर कबीर) / मुनव्वर राना

द्विजेन्द्र द्विज (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 10:44, 29 नवम्बर 2009 का अवतरण (नया पृष्ठ: {{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=मुनव्वर राना |संग्रह=फिर कबीर / मुनव्वर राना }} {{KKCa…)

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)


सुलाकर अपने बच्चों को यही माँएँ समझती हैं
कि इन की गोद में किलकारियाँ आराम करती हैं