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माहो-माही / शीन काफ़ निज़ाम

माह[1]
माही[2] से खफा है
उछाल कर उस ने
कर दिया
मुंतशिर[3] मंज़र
मौज[4] माही के तआकुब[5] में
गई है साहिलों[6] तक

शब्दार्थ
  1. चांद
  2. मछली
  3. बिखरना
  4. लहर
  5. पीछा करना
  6. किनारों