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मौको है आज तो / सपना मांगलिक

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मौको है आज तो
हुल्लड़ और हास को
छोड़ेंगे ना कोइकू
आयो है दिन फाग को
‘मुठ्ठी में रंग लियो
जो ऊ मिलो पकड़ लियो
पोत पोत मोंह बाको
बंदर सो लाल कियो
रूठा मटकी ना करो जी
क्षमा करो आज तो
छोड़ेंगे ना कोइकू
आयो है दिन फाग को
गाम गाम धुंध मचो
 हर दिल में रास रचो
भंग को है गोलमाल
अपनों सो कौन बचो
प्रेम ते करो हल
प्रश्न जात पात को
बाजुन मैं भर लेयो
बंधन वैराग को
छोड़ेंगे न कोइकू
आयो है दिन फाग को
मौको है आज तो
हुल्लड़ और हास को