भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

यह मौन भी मौन कहाँ / बलदेव वंशी

Kavita Kosh से
Dr. Manoj Srivastav (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 14:14, 7 अक्टूबर 2010 का अवतरण

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


यह मौन भी मौन कहाँ

तनाव अवर भय के
मंथर मंथर हिलाते
तालाब के बंधे जल के
नीचे
युगों युगों से
एक चीत्कार
मौन में थमा हुआ है!

शिव
और विष
और गंगावतरण का मिथक
तब से संगत बना हुआ है!...