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राजेंद्र नाथ 'रहबर'
Kavita Kosh से
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राजेंद्र नाथ 'रहबर' | |
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आपके पास चित्र उपलब्ध है? कृपया kavitakosh AT gmail DOT com पर भेजें जन्म: 05 नवंबर 1931
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| उपनाम | 'रहबर' |
| जन्म स्थान | शकरगढ़,पंजाब, अब पाकिस्तान में |
| कुछ प्रमुख कृतियाँ | मल्हार, तेरे ख़ुश्बू में बसे ख़त, और शाम ढल गई, याद आऊँगा |
| विविध | |
| जीवनी | राजेंद्र नाथ रहबर / परिचय |
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Rajender Nath Rehbar | |
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- तुम जन्नते कश्मीर हो तुम ताज महल हो / राजेंद्र नाथ 'रहबर'
- दिल को जहान भर के मुहब्बत में गम़ मिले / राजेंद्र नाथ 'रहबर'
- फेर कर मुंह आप मेरे सामने से क्या गये / राजेंद्र नाथ 'रहबर'
- दिल ने जिसे चाहा हो क्या उस से गिला रखना / राजेंद्र नाथ 'रहबर'
- जो शख्स़ भी तहज़ीबे-कुहन छोड़ रहा है / राजेंद्र नाथ 'रहबर'
- भला ऐसी भी आख़िर बेरुख़ी क्या / राजेंद्र नाथ 'रहबर'
- तय करें मिल के हम तुम ब`हम रास्ता / राजेंद्र नाथ 'रहबर'
- ईद का चांद हो गया है कोई / राजेंद्र नाथ 'रहबर'
- करते रहेंगे हम भी ख़ताएं नई नई / राजेंद्र नाथ 'रहबर'
- सफ़र को छोड़ कश्ती से उतर जा / राजेंद्र नाथ 'रहबर'
- क्या क्या सवाल मेरी नज़र पूछती रही / राजेंद्र नाथ 'रहबर'
- यही है जग की रीत पपीहे / राजेंद्र नाथ 'रहबर'
- शाम कठिन है रात कड़ी है / राजेंद्र नाथ 'रहबर'
- मर्क़जे-हर निगाह बन जाओ / राजेंद्र नाथ 'रहबर'
- क्या करे एतिबार अब कोई / राजेंद्र नाथ 'रहबर'
- तेरे ख़ुश्बू में बसे ख़त / राजेंद्र नाथ रहबर
- इक आग तनबदन में लगाती है चांदनी / राजेंद्र नाथ रहबर
- ग़ाज़े हैं नए और हैं रुख़सार पुराने / राजेंद्र नाथ रहबर
- किसी तन्हा जज़ीरे पर उतर जा / राजेंद्र नाथ रहबर
- शाम कठिन है रात कड़ी है / राजेंद्र नाथ रहबर
- कानों में गूंजती हैं सदाएं नई नई/ राजेंद्र नाथ रहबर
- ऐ दोस्त फिर मिलेंगे अगर ज़िंदगी रही / राजेंद्र नाथ रहबर
- किस ने दिल के मिज़ाज को जाना / राजेंद्र नाथ रहबर
- कल तक था नाम जिनका बदनाम बस्तियों में / राजेंद्र नाथ 'रहबर'
- मेरे ख़याल-सा है, मेरे ख़्वाब जैसा है / राजेंद्र नाथ 'रहबर'
- आईना सामने रक्खोगे तो याद आऊँगा / राजेंद्र नाथ 'रहबर'
- देखें वो कब शाद करे है / राजेंद्र नाथ 'रहबर'
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