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लड़ाई जारी है / सुदर्शन वशिष्ठ

आज बिजली नहीं है
स्कूल में नहीं है
बच्चों के लिए पानी का इंतज़ाम
आज हड़ताल है कालेजों में

जाम है ट्रैफिक
देश अगर दिल्ली है तो
एक और घोटाला हुआ है वहाँ।

लड़ाई शुरू हो जाती है सुबह से
लड़ाई शुरू हो जाती है घर से
पड़ोस से
प्रदेश से देश से।

क्या आप लड़ेंगे अफसर से
या मातहत से

आप लड़ेंगे व्यवस्था से
या अव्यवस्था से
आप लड़ेंगे भीतरघात से
या हालात से
आप लड़ेंगे पाकिस्तानियों से
या हिन्दोस्तानियों से भी लड़ेंगे
बाहर से तलवार भांजेगे
या भीतर से भी लड़ेंगे।
किस-किस से लड़ेंगे आप......
लड़ना तो होगा
हथियार डालना तो मरना है।

इसीलिए
आप लड़ेंगे जैसा लड़ा था अभिमन्यु
आप लड़ेंगे जैसे लड़ा था पृथ्वीराज चौहान
लड़ा था टीपू सुल्तान
लड़ा था भगत सिंग
जब आप लड़ेंगे तभी जीतेंगे महाभारत
युद्ध भूमि में सबसे कठिन होता है
अपनों से लड़ना
अपने से लड़ना।