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लबों पर नाम उनका / आशीष जोग
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लबों पर नाम उनका हमसे लाया अब न जायेगा,
और आगे इसके ये रिश्ता निभाया अब न जायेगा |
बड़ी मुश्किल से छूटी जान अब तौबा करो ऐ दिल,
जो आया फिर किसी पे तो बचाया अब न जायेगा |
बिछड़ते जाते इक इक कर के हैं जो दोस्त गिनती के,
बचे जो भी हैं नाम उनका गिनाया अब न जायेगा |
उठायीं तोहमतें हमने ज़माने भर की हैं अब तक,
मगर इस ज़िन्दगी का बोझ उठाया अब न जायेगा |
लगी थी मेरे दिल में आग अब जलता है दिल देखो,
जो पहुंचे आग ये तुम तक बुझाया अब न जायेगा |