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वह तो प्रवासी है / तुलसी पिल्लई

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यह ईर्ष्या क्यों?
वह तो प्रवासी है
उसका ठौर-ठिकाना
कहीं ओर
तुझको
उसके शहर
न जाना
फिर यह कौनसी उलझन?
उसको देखकर
क्यों व्यथित मन?
न वह
मेरी प्रतिस्पर्धा में खड़ा
फिर राह में
क्यों बाधा समझूँ?
फिर यह ईर्ष्या क्यों?
वह तो प्रवासी है।