भारतीय साहित्य के विशालतम ऑनलाइन संग्रहालय से कुछ आंकड़े (...और गिनती जारी है!)
कविता कोश: 57000+ कुल पन्नें; 2,000+ रचनाकार; 25,000+ कविताएँ; 10,000+ ग़ज़लें; 3,000+ गीत/नवगीत; 1,500+ नज़्में | 125,000+ आगंतुक/माह; 20,000,00+ रचना-पठन/माह
गद्य कोश: 7,000+ कुल पन्नें; 500+ रचनाकार; 1,500+ कहानियाँ; 600+ लघुकथाएँ; 100+ उपन्यास; 600+ आलेख; 300+ निबंध; | 20,000+ आगंतुक/माह; 1,000,00+ रचना-पठन/माह
© कॉपीराइट     योगदानकर्ता     कविता कोश टीम

श्रीनर-नारायण-स्तुति/ तुलसीदास

Kavita Kosh से
Dr. ashok shukla (वार्ता | योगदान)ने किया हुवा 17:12, 7 मार्च 2011का अवतरण

(अंतर) ← पुराना संस्करण | वर्तमान संशोधन (अंतर) | नया संशोधन → (अंतर)
यहां जाएं: भ्रमण, खोज

श्रीनर-नारायण-स्तुति
60
देव नौमि नारायणं नरं करूणायनं, ध्यान-पारायणं,ज्ञान-मूलं।
अखिल संसार-उपकार- कारण, सदयहृदय, तपनिरत, प्रणतानुकूलं।1।
श्याम नव तामरस-दामद्युति वपुष, छवि कोटि मदनार्क अगणित प्रकाशं।
तरूण रमणीय राजीव-लोचन ललित, वदन-राकेश, कर-निकर-हायं।2।
सकल सौंदर्य-निधि, विपुल गुणधाम, विधि-वेद-बुध-शंभु-सेवित, अमानं।
अरूण पदकंज-मकरंद-मंदाकिनी मधुप -मुनिवृंद कुर्वन्ति पानं।3।
शक्र-प्रेरित घेार मदन मद-भंगकृत, क्रोधगत, बोधरत, ब्रह्मचारी।
मार्कण्डेय मुतिवर्यहित कौतुकी बिनहि कल्पांत प्रभु प्रलयकारी।4।
पुण्य वन शैलसरि बाद्रिकाश्रम सदासीन पद्मासनं, एक रूपं।
सिद्ध-योगींद्र-वृंदारकानंदप्रद,भद्रदायक दरस अति अनूपं।5।
मान मनभंग, चितभंग मद ,क्रोध लोभादि पर्वतदुर्ग, भुवन -भर्ता।
द्वेष -मत्सर-राग प्रबल प्रत्यूह प्रति, भूरि निर्दय, क्रूर कर्म कर्ता।6।
विकटतर वक्र क्षुरधार प्रमदा, तीव्र दर्प कंदर्प खर खड्गधारा।
धीर-गंभीर-मन-पीर-कारक, तत्र के वराका वयं विगतसारा।7।
परम दुर्घट पथं खल-असंगत साथ, नाथ! न्हिं हाथ वर विरति -यष्टी।
दर्शनारत दास,त्रसित माया-पाश, त्राहि हरित्र त्राहि हरि,दास कष्टी।8।
दासतुलसी दीन धर्म-संबलहीन, श्रमित अति,खेद, मति मोह नाशी।
देहि अवलंब न विलंब अंभोज-कर, चक्रधर-तेजबल शर्मराशी।9।

वैयक्तिक औज़ार
» रचनाकारों की सूची

गद्य कोश

» विभाग

» अन्य भाषाओं से

» महत्त्वपूर्ण संदेश
  • फ़िलहाल नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। कृपया अपनी रचनाएँ कोश में जोड़ने के लिए अभी आवेदन न करें। आगे की सूचना इसी जगह प्रकाशित की जाएगी।
  • कविता कोश से संबंधित हर जानकारी पाने के लिए पढ़ें: कविता कोश: हिन्दी काव्य में जुड़ता एक नया आयाम

» प्रादेशिक कविता कोश

» अन्य महत्त्वपूर्ण पन्नें

» अन्य पन्नें