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सख्त सौदागर समय है यूं हमें रहने न दे / विनय कुमार

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सख्त सौदागर समय है यूं हमें रहने न दे।
बांट हमको, सिर्फ़ बिकने के लिए रहने न दे।

रोज़ ताज़ा तेल बाती डाल दे मां की तरह
ऐ रिवायत तू हमें बासी दिये रहने न दे।

जीस्त सहरा का सफ़र है रात आंधी की तरह
रेत पर दिन के बनाए रास्ते न रहने दे।

शेर वो अच्छा कि जो मुझको अलग पहचान दे।< > शेर वो सच्चा कि जो मेरा मुझे रहने न दे।