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समय से यूँ हूँ परे आनंदमय आभास हूँ / मंजुला सक्सेना

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समय से यूँ हूँ परे आनंदमय आभास हूँ
मैं उमड़ते बादलों-सा सिन्धु का उल्लास हूँ
कल्पना हूँ, कामना हूँ या किसी की प्यास हूँ
चन्द्रमा की चाँदनी या फूल का वातास हूँ
शाश्वती सौरभ भरी बासंती मधुमास हूँ
इन्द्रधनुषी रंगों-सी रागिनीमय श्वास हूँ
भावना से सिक्त उर का एक बस उच्छ्वास हूँ