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सूआ बोलय / ध्रुव कुमार वर्मा

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मोर पिंजरा के सूआ बोलय
आने वाला ल दूआ बोलय।

पानी छोड़के सब्बे मिलही
पनिहारिन ल कूंआ बोलय।

आवन दे अब वोट के मौका
नेता हूंआ हूंआ बोलय।

ओ का काम के जिनगी एगा
सब्बो थूँआ-थूँआ बोलय।

पण्डवा मन ल जानथस नहीं
जूवरिहा ला जूआ बोलय

सरपंची ला पाइस तहले
डोकरी ल सब बूआ बोलय।