भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए

सैनिक की छवि / गून ल्यू

Kavita Kosh से
अनिल जनविजय (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 17:22, 27 सितम्बर 2009 का अवतरण (नया पृष्ठ: {{KKGlobal}} {{KKAnooditRachna |रचनाकार=गून ल्यू |संग्रह= }} Category:चीनी भाषा <Poem> तुम जानन...)

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मुखपृष्ठ  » रचनाकारों की सूची  » रचनाकार: गून ल्यू  » सैनिक की छवि

तुम जानना चाहते हो
सैनिक कैसा लगता है
लाल सितारा जड़े
लोहे के टोप में?

पर मुझे लगता है
चमक उठी है बिजली
जब देखता हूँ मैं
उसकी नज़र को उजली

लाल सितारा जड़ा
वह लोहे का टोप उसका
नहीं है उसकी पहचान
वो तो है उसके
मन की हिलोर से
पूरी तरह अनजान

जब उस टोप के नीचे
अन्धेरे में
चमकेंगी दो आँखें
शत्रु के घेरे में

तब ही ऐ कवि!
झलकेगी उसमें सैनिक की छवि।


रूसी भाषा से रूपांतरण : जनविजय