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|नाम=शेष होते हुए
|रचनाकार=[[गोविन्द माथुर]]
|प्रकाशक=जनजीवन प्रकाशन, जयपुर|वर्ष= 1985
|भाषा=हिन्दी
|विषय=कविता
|शैली=छन्दहीन
|पृष्ठ=90
|ISBN=
|विविध=--
}}
* [[शेष होते हुए (कविता) / गोविन्द माथुर]]

