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सारे होज्यां सुखी कोई भी दुखी नर नार रहै कोन्या / सतबीर पाई

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सारे होज्या सुखी कोई भी दुखी नर नार रहै कोन्या
जब बी.एस.पी. आज्या भारत मैं कोई बेरोजगार रहै कोन्या...टेक

जितने होंगे लोग देश मैं सबनै काम मिलैंगे
जिसके भी हक जितने होंगे सभी तमाम मिलैंगे
जिसकी भी जितनी मजदूरी शाम की शाम मिलेंगे
नहीं कोई पाबंदी होगी न्यू सरेआम मिलैंगे
पूरे दाम मिलेंगे बीच मैं ठेकेदार रहै कोन्या...

सब जनता हो एक सभी कोई रहैगा माणस गैर नहीं
नफरत की हो रसम खत्म आपस मैं रहैगा बैर नहीं
कोई आदमी जुल्मी बणकै ढह किसी पै कहर नहीं
ऊंच नीच जाति पाति की रहै कोई भी लहर नहीं
रिश्वतखोरी खत्म देश मैं भ्रष्टाचार रहै कोन्या...

इज्जत से जीवोगे सारे थारा जीवन भी खुशहाल होगा
सबके होंगे पास साधन कोई नहीं कंगाल होगा
रहै नहीं परेशान तुम्हारा पूरा पूरा ख्याल होगा
जय भीम और जय भारत का नारा इस्तेमाल होगा
आपस के मैं प्रेम सभी का फेर तकरार रहैं कोन्या...

बी.एस.पी. के राज के अन्दर चोर बजारी रहैं नहीं
जो काले करते धंधे गंदे इसे व्यापारी रहैं नहीं
लूट खसोट करै रोज गोज भरैं इसे अधिकारी रहें नहीं
पाई वाले सतबीर कह गंदे प्रचारी रहैं नहीं
झूठे लारे देणे आला कोई उम्मीद्वार रहैं कोन्या...