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"ऐली पैली सखरिया री पाल / राजस्थानी" के अवतरणों में अंतर
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| − | ऐली पैली सखरिया री पाल | + | <poem> |
| − | पालां रे तंबू तांणिया | + | ऐली पैली सखरिया री पाल |
| − | जाये वनी रे बापाजी ने कैजो, के हस्ती तो सामां मेल जो | + | पालां रे तंबू तांणिया रे |
| − | नहीं म्हारां देसलड़ा में रीत, भंवर पाला आवणों | + | जाये वनी रे बापाजी ने कैजो, के हस्ती तो सामां मेल जो जी |
| − | जाय बनी रा काकाजी ने कैजो | + | नहीं म्हारां देसलड़ा में रीत, भंवर पाला आवणों जी |
| − | घुड़ला तो सांमां भेजजो जी | + | जाय बनी रा काकाजी ने कैजो |
| − | नहीं म्हारे देशां में रीत, भेवर पाला चालणों जी | + | घुड़ला तो सांमां भेजजो जी |
| − | जाय बनीरा माता जी ने कैजो | + | नहीं म्हारे देशां में रीत, भेवर पाला चालणों जी |
| − | सांमेला सामां मेल जो जी | + | जाय बनीरा माता जी ने कैजो |
| − | नहीं म्हारे देशलड़ां में रीत | + | सांमेला सामां मेल जो जी |
| − | भंवर पाला आवणों | + | नहीं म्हारे देशलड़ां में रीत |
| + | भंवर पाला आवणों री | ||
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07:00, 9 सितम्बर 2016 के समय का अवतरण
♦ रचनाकार: अज्ञात
ऐली पैली सखरिया री पाल
पालां रे तंबू तांणिया रे
जाये वनी रे बापाजी ने कैजो, के हस्ती तो सामां मेल जो जी
नहीं म्हारां देसलड़ा में रीत, भंवर पाला आवणों जी
जाय बनी रा काकाजी ने कैजो
घुड़ला तो सांमां भेजजो जी
नहीं म्हारे देशां में रीत, भेवर पाला चालणों जी
जाय बनीरा माता जी ने कैजो
सांमेला सामां मेल जो जी
नहीं म्हारे देशलड़ां में रीत
भंवर पाला आवणों री

