एक अरब गड़ेरिया ढूँढ़ रहा है अपनी बकरी ज़िओन पर्वत पर
और सामने की पहाड़ी पर मैं ढूँढ़ रहा हूँ अपना छोटा लड़का
एक अरब गड़ेरिया और एक यहूदी पिता
दोनों अपनी अस्थायी असफलता में ।
हमारी दो आवाज़ें ऊपर मिली थीं
घाटी में हम दोनों के बीच सुल्तान का पोखर
हम दोनों में से कोई भी नहीं चाहता कि लड़का या बकरी
चाड गाड्या की मशीन के चक्कों में फँस जाए ।
बाद में हमने उन्हें झाड़ियों के बीच पाया
और हमारी आवाज़ें हममें वापस लौटीं
हँसती और रोती ।
किसी बकरी या किसी बच्चे को ढूँढ़ना हमेशा से रही है
एक नये धर्म की शुरुआत इन पर्वतों पर ।
अँग्रेज़ी से अनुवाद : चन्दन सिंह