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|संग्रह=आंख ई समझै / लक्ष्मीनारायण रंगा
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वामन में विराट
सिंधु में बिंदु
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नाद उपजी
नाद मांय समासी
समची सृष्टि
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बिकै कानून
चढै नीलामी न्याय