Last modified on 31 अगस्त 2012, at 16:46

ये बात अवामी है / अश्वनी शर्मा

आशिष पुरोहित (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 16:46, 31 अगस्त 2012 का अवतरण ('{{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=अश्वनी शर्मा |संग्रह=वक़्त से कुछ...' के साथ नया पन्ना बनाया)

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)


ये बात अवामी है
ओहदों को सलामी है।

क्या दौर है गुलशन का
फूलों की निलामी है।

परवाज़ के शैदा की
किस्मत में गुलामी है।

तारीख में कुछ लिख लो
ये वक्त हंगामी हे।

किरदार है बौनों का
पर नाम तो नामी है।

क्या ज़िक्र है मसले का
तस्वीर इनामी है।

अब ठीक भला क्या हो
आदत में जो ख़ामी है।