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नेता जी / ओमप्रकाश चतुर्वेदी 'पराग'

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टोपी वाला थुलथुल नेता
देखें क्या भाषण देता है
ऐसा क्या जादू है इस पर
इतने भीड़ जूटा लेता है,

कहता है मेरे पीढ़ी ने
दी है प्राणों की कुरबानी
आधी उम्र जेल में काटी
तब पाई आजादी रानी।

तुमको क्या मालूम कि हमने
कैसे-कैसे कष्ट उठाए
जेलों में चक्की तक पीसी,
जेलर के डंडे भी खाए।

अब जब हम आजाद हुए हैं
मुझको बस आराम चाहिए
धन-दौलत, कुर्सी की ताकत
बिना काम के नाम चाहिए।

इतनी कुरबानी के बदले
जो भी मैं चाहूँ वह कम है
वैभव का उपभोग कर सकूँ
अभी देह में इतना दम है।

प्यारे देशवासियो तुमसे
मुझको बस इतना कहना है
अब सुख केवल मेरा होगा
दु:ख सारा तुमको सहना है।