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हाय रे! ये माह फाग / अभिषेक कुमार अम्बर
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दिल को नहीं करार हाये होलीका है इंतज़ार
रंगों में रंगूँगा तुझे रंगीले सजन में।
(घनाक्षरी छंद)
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Abhishek Amber
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