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दूर रहना तो अब दूर की बात है, पास भी अब तो आया नहीं जाएगा
हमने तुमसे जो वादा किया था कभी, अब वो वादा निभाया नहीं जाएगा
हम न बह जाएं दुनिया के सैलाब में, क्या ही अच्छा हो बचने की कोशिश करें
ज़द में सैलाब की हम अगर आ गए, तो कनारे किनारे पे लाया नहीं जाएगा
डांटकर बाप बच्चे से कहने लगा, ले खिलौना, खिलौना नहीं तोड़ना
दिन गरीबी के हैं पास पैसा नहीं, और खिलौना दिलाया नहीं जाएगा
लोगो ईशवर इश्वर की इच्छा के आगे कभी, आपकी और मेरी चलेगी नहीं
उसकी इच्छा न हो, लाख कोशिश करें, हमसे पत्ता हिलाया नहीं जाएगा
मैं 'रक़ीब'-ए-हक़ीक़त नहीं दोस्तो, लोग जो कुछ भी कहते हैं कहते रहें
तुम न कहना कभी, तुम कहोगे तो फिर, मुझसे ये ग़म उठाया नहीं जाएगा
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